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Saturday, 31 December 2011

जब पार्टी बफादार सिपाहियों को भूल जाती है

 उत्तर प्रदेश की सरकार एक के बाद एक मंत्रियों को पार्टी और सरकार से बहार का रास्ता दिखा रही है इन सब मंत्रियों का भ्रष्टाचार आज से पहले क्या मुख्यमंत्री नज़र नहीं आ रहा था जो आज सरे मंत्री भ्रष्ट नज़र आ रहे है किया ये सब पार्टी विरोधी हो गए या भ्रष्ट पता नहीं पर लगता है की जयादा तर मंत्री अपना टिकेट काटने की बजह से नाराज हो कर पार्टी की गतिविधियों में शामिल नहीं हो रहे थे हरदोई की नरेश अग्रवाल भी अपने बेटे का टिकेट कटे जाने की वजह से सा.पा में फिर से वापस चले गये है डी.पी यादव भी आज़म खा से मुलाकात कर सा. पा. में जाने की तयारी कर रहे है कल फिर वन मंत्री फतेह बहादुर सिंह, प्राविधिक शिक्षा राज्यमंत्री, सदल प्रसाद, अल्पसंख्यक कल्याण एवं हज राज्यमंत्री अनीस अहमद खां उर्फ फूल बाबू तथा मुस्लिम वक्फ राज्यमंत्री शहजिल इस्लाम अंसारी को बर्खास्त करते हुए आगामी विधानसभा के चुनाव के लिए उनके टिकट काट दिये गये हैं। यह जानकारी बहुजन समाज पार्टी के  प्रवक्ता ने शुक्रवार यहां दी।
उन्होंने बताया कि इन मंत्रियों को मंत्रिमण्डल की सदस्यता से भी पदमुक्त कर दिया गया है ताकि ये मंत्रिगण विधानसभा चुनाव के  दौरान अपने पद का दुरूपयोग न कर सकें और लोगों पर अनावश्यक दबाव न डाल सकें। उन्होंने बताया कि इन मंत्रियों के खिलाफ जन समस्याओं पर ध्यान न देने और क्षेत्रकी घोर उपेक्षा करने की भी शिकायतें थी। जनता की कठिनाइयों की अनदेखी करने और पार्टी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने के कारण इनके प्रति लोगों में काफी असंतोष भी था। गौरतलब है कि एक सप्ताह में मायावती ने दस मंत्रियों को बर्खास्त किया है। यही होता है जब पार्टी अपनों को भूल कर बहार से आये लोगो को जयादा महतब देने लगती है और और पार्टी के बफादार सिपाहियों को भूल जाती है 

Monday, 26 December 2011

क्या सही में राहुल को हर वक्त हाथी नज़र आता है ?


राहुल जी आज एक सभा को संबोधित करते समय हाथी और सिर्फ हाथी की ही बात कर रही थे , हर बात बताने के बाद उसका उदाहरण हाथी से ही दिया जाता था, हाथी पैसा खता है, हाथी भूखा है , और न जाने क्या किस कदर परेशान कर रहा है ये हाथी  
राहुल जी ने आने वाले पाच साल कांग्रेस के लिए मागे और आने वाले दस साल तक कांग्रेस की सरकार उत्तर प्रदेश में देख रहे है पाच साल हम को दे दो दस साल में उत्तर प्रदेश को दिल्ली जेसा और महाराष्ट्र की तरह बना देगे इन की बातो से तो लगता है की एक बार अगर उत्तर प्रदेश में काबिज़ हो गए तो ये उत्तर प्रदेश की सत्ता हाथ से जाने नहीं देगे ये उत्तर प्रदेश की कुर्सी की भूख है एक बार जिस को मिलजाए आसानी से नहीं जाने देता है, आओ  जानते है और किया किया कहा राहुल जी ने :-

राहुल ने कहा, ‘आपके नेताओं को पता लगना चाहिये कि ग्रामीण जनता किन हालात में जी रही है. वे आपके यहां खाना नहीं खाते और कुएं का गंदा पानी नहीं पीते. उन्हें कैसे पता होगा कि गरीबी क्या है और ग्रामीण जनता को किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है.
कांग्रेस महासचिव ने केन्द्र सरकार की विभिन्न उपलब्धियों का बखान करते हुए कहा कि केन्द्र ने जनता को मनरेगा के अलावा, सूचना का अधिकार तथा शिक्षा का अधिकार दिया और अब वह भोजन का अधिकार कानून लाने कोशिश कर रहा है, लेकिन मायावती इसका भी विरोध कर रही हैं.
उन्होंने मुख्यमंत्री मायावती और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव की जननेता की छवि खत्म हो जाने का दावा करते हुए कहा ‘मुलायम सिंह यादव पहले जमीनी नेता हुआ करते थे, लेकिन अब वक्त बदल गया है. अब वह जनता के बीच नहीं जाते. यही हाल मायावती का भी है.’
राहुल ने आरोप लगाया कि मायावती अपने इसी ‘हाथी के भोजन’ का इंतजाम करने के लिये ही भोजन का अधिकार विधेयक का विरोध कर रही हैं, क्योंकि वह सोचती हैं इस योजना के लिये जो धन आएगा उसे उनका हाथी खाएगा. उन्होंने आरोप लगाया, ‘हम आपको रोजगार की गारंटी देते हैं, लेकिन बसपा का हाथी यह गारंटी लेता है कि वह गरीबों का पैसा खा लेगा.
कांग्रेस महासचिव ने कहा ‘यह राजनीति की बात नहीं बल्कि आपके बच्चों के भविष्य की बात है. उत्तर प्रदेश में गरीबों के प्रति कल्याणकारी और उन्नति चाहने वाली सरकार नहीं बनती है. आप गरीबों की, मजदूरों की सरकार बनाइये फिर देखिये हम क्या कर सकते हैं.’
राहुल जी गरीब और मजदूरो की सरकार केसे बनेगी कियो की आप की भी पार्टी में कोई गरीब मजदूर नेता नहीं है और न बाकि पार्टी में और जो ज़मीन से उठकर आता भी है तो वह भी दुसरो की तरह पाच साल बाद सब की तरह हो जायेगे तो राहुल जी किस किस पर विसवाश करे सब एक जेसे ही है     


Sunday, 25 December 2011

दिग्विजय जी जो दूसरो पर कीचड़ उछालता है?????



अब कांग्रेस और कांग्रेस के नेता क्या कहेगे जो हमेश अन्ना को कुछ न कुछ कहते रहते है आज इस फोटो ने ये साबित कर दिया की कांग्रेस के नेता कही न कही खुद आरएसएस  से जुड़े हुए है तो भाई लोगो दुसरे को क्या बदनाम कर रहे हो कहने से नहीं सबूतों से काम चलता है  और जनता भी इन सबूतों पर विश्वाश करती  है 
दिग्विजय ने एक अखबार के हवाले से कहा कि अन्ना हजारे आरएसएस नेता नानाजी देशमुख के सेक्रेटरी थे। इसके जवाब में टीम अन्ना की सदस्य किरन बेदी ने दिग्विजय की एक ऐसी फोटो जारी कर दी, जिसमें वह खुद नानाजी देखमुख के साथ बैठे नजर आ रहे हैं। 
दिग्विजय ने रविवार सुबह ट्वीट किया, 'अन्ना हजारे आरएसएस लीडर नानाजी देशमुख के सेक्रेटरी रहे थे। उन्हें 1983 में गोंडा में ट्रेनिंग मिली थी। आज एक हिंदी अखबार के फ्रंट पेज में इस बारे में बताया गया है। लेकिन, अन्ना आरएसएस से अपने संबंधों की बात से इनकार करते हैं। अब हम किस पर यकीन करें? तस्वीरों के साथ जो फैक्ट हैं या फिर अन्ना और आरएसएस के दावों पर?  एक बार फिर यही साबित हुआ की जो दूसरो पर कीचड़ उछालता है वह खुद कीचड़ में सन जाता है और यही साबित होता नज़र आरहा है इस फोटो को देखने के बाद साबित हुआ है । 

अन्ना आर्मी के भगोड़े, तो जनाब आप देश के लुटेरे

  जिसको देश की आर्मी क्लीन चिट दे चुकी हो फिर भी कांग्रेस के नेता उनको आर्मी का भगोड़ा कभी आर. एस. एस का दलाल कह रहे है जिस क्लीन चिट का ज़िक्र देश की आर्मी ने किया और सब को  मीडिया के ज़रीय पता चला ,पर इन कांग्रेस वालो को पता नहीं क्या होता जा रहा जिसके नेता  भ्रष्टाचार को हटाने की जगह अन्ना को हटने की सोचते रहते है अन्ना को बदनाम कर के उनको कमजोर करने की कोशिश करते रहते है  

 इस बार कांग्रेस की ओर से इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने मोर्चा संभाला है.

बेनी प्रसाद वर्मा ने अन्ना को सेना का भगोड़ा करार देते हुए बीजेपी और संघ का एजेंट तक कहा है.
इस्पात मंत्री ने रविवार को अन्ना पर वार करते हुए कहा, ""अन्ना सन 1965 की भारत-पाकिस्तान में जो जंग हुई थी उसका भगोड़ा सिपाही है. अन्ना के गांव में प्रधान इसके खिलाफ जीता है. अभी नगरपालिका चुनाव में कांग्रेस और शरद पवार की पार्टी का विरोध किया, लेकिन कांग्रेस-एनसीजी जीती. यह दिल्ली में नाटक करता है, इसका हिंदुस्तान की राजनीति में कोई वजूद नहीं है."अपना हमला जारी रखते हुए बेनी ने आगे कहा,"अन्ना बीजेपी और आरएसएस का एजेंट है."
इससे पहले कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी भी अन्ना के खिलाफ अप-शब्द कह चुके हैं, हालांकि बाद में मनीष ने माफी मांग ली थी.
मनीष ने कहा था कि 'अन्ना खुद को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने वालों का मसीहा कहते हैं जबकि वे ऊपर से नीचे तक भ्रष्टाचार में लिप्त हैं.'
 सेना आरटीआई के एक सवाल के जवाब में अन्ना को क्लीन चिट दे चुकी है.
अगर ये भ्रष्टाचार में लिपट है तो जनाब आप की टीम को सा दूध की धुली है आप के तो गृह मंत्री का नाम बार बार आ रहा है लेकिन ये सरकार में है तो ये सच्चे है बाकि हब बेईमान

विधानसभा चुनाव में मायावती चुनोती के लिए तैयार



उत्तर प्रदेश की जनता जानती है की मुख्य मंत्री मायावती ने प्रदेश के लिए क्या किया या नहीं जी लोगो ने ये कभी नहीं सोचा था की उन के ऊपर भी छत होगी या नहीं, उन लोगो को रहने को १० रुपये में मकान दिए ,गावो को आंबेडकर गाव बना कर गावो का विकास किया, विधवा पेंशन में ३००से बड़ा कर ४०० रुपये  प्रति महा कर दिया, ऐसे बहुत से काम है जो मुख्यमंत्री ने किये, कभी विपक्षी इस बात को बता ते नजर नहीं आते हमेश एक बात हाथी-हाथी, सही कहती है मुख्यमंत्री मायावती की इन विपक्षियो को रात-दिन हमेशा हाथी-हाथी ही दिखाई  देता है तो अब इन लोगो को समझना चाहिए की जब इन लोगो को हाथी दिखाई देता है तो इस प्रदेश की जनता को भी यही दिखाई देता होगा | बस फरक इतना है इन लोगो को बुराई दिखाई देती है, और जनता को अच्छाई इस बात का जनता ने डेढ़ महीने में तीन महा सभा का आयोजन कर भरी भीड़ बुलाकर दिखा दिया की तुम कुछ भी कहा जनता बहुजन समाज पार्टी के साथ है   
यह पहला अवसर होगा जब मायावती मुख्यमंत्री रहते हुए विधान सभा चुनाव का सामना करेंगी. अकेले पूर्ण बहुमत से पांच साल सरकार चलाने के बाद अब उनके पास मतदाताओं के सामने वादे पूरे किये कुछ रह गए है अगर दुबारा आती है तो शायद इन को भी पूरा करे .
लेकिन पांच वर्षों में लगातार स्मारकों में 'फ़िज़ूलख़र्ची' और भ्रष्टाचार के लिए चर्चा करने के आलावा विपक्षी मायावती की कमजोरी नहीं दिखा पा रहे है  जो लोगों के दिमाग़ में सहज रूप से आ जाये 
विशेषकर वह उच्च-मध्यमवर्गीय मतदाता मायावती से निराश नहीं है, जिसने मुलायम राज से छुटकारा पाने के लिए मायावती को विकल्प के रूप में चुना था.
इसी वर्ग के समर्थन से बसपा को वोट 25 फ़ीसदी से बढ़कर 30 फ़ीसदी हो गया और उसने बहुमत पा लिया. जबकि समाजवादी पार्टी का वोट 25 फ़ीसदी से आधा फ़ीसदी बढ़ा फिर भी उनकी सीटें घटकर 100 से कम रह गई.
क्योंकि जिस तरह मायावती ने आगे बढ़कर इस वर्ग को सत्ता में हिस्सेदारी और सुशासन का भरोसा दिलाया था, वैसी कोई पहल समाजवादी पार्टी ने अभी तक नही दिखाई.
2007 से तुलना करें तो अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय अब पहले की तरह मुलायम के साथ नही है. कई बड़े मुस्लिम नेता सपा का साथ छोड़ चुके हैं लेकिन मुस्लिम समुदाय बसपा से जुढ़ ते दिखाई दे रहे है जहा एक तरफ मुस्लिम आरक्षण ,साथ में जाट आरक्षण , स्वर्ण जाती के लोगो को गरीबी के हिसाब से आरक्षण  प्रदेश का बटबार सब से अहम् बाते रहेगी इस बार २०१२ के विधान सभा के चुनाव में |

आतंकवादियों को आसरा देने में नम्बर वन : पाकिस्तान



पाकिस्तान का बार बार ये कहना की ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में नहीं है ये कितना सही है ये खुद पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख आप को बता रहे है की पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को इस बात की पूरी जानकारी थी | देश का राष्ट्रपति जब देश में है आतंकबाद को ही बड़ाबा देगा तो देश का किया होगा
और फिर भी देश की दुबारा से सत्ता हासिल करने के लिया पाकिस्तान आना चाहते है किया पाकिस्तान जो रोज आतंकियों की गति-विधयो से जूझना पड़ता है क्या पाकिस्तान की जनता इस से मुक्ति नहीं चाहेगी दुनिया का सब से बड़ा दुश्मन वह भी पाकिस्तान में,और तुम आसरा दे रहे हो इस से इन की मन्श का पता चलता है की ये देश के हितेषी है या नहीं  
पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख का दावा है कि पाक इंटेलीजेंस ब्यूरो ने अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को एबटाबाद में लंबे समय से छिपा रखा था। इतना ही नहीं पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के साथ संभवतया मौजूदा सैन्य प्रमुख कियानी को भी ओसामा के छिपे होने की जानकारी थी।   
जनरल जियाउद्दीन बट ने अक्टूबर में एक कॉन्फ्रेंस में यह दावा किया था। बट को तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सेना प्रमुख नियुक्त किया था लेकिन वे पदभार संभाल नहीं पाए और 12 अक्टूबर को मुशर्रफ ने तख्ता पलट कर सत्ता हासिल कर ली।   
वाशिंगटन स्थित सामरिक मामलों से जुड़े थिंक टैंक जेम्सटाउन फाउंडेशन की पत्रिका टेरेरिज्म मॉनीटर के ताजा अंक में प्रकाशित रिपोर्ट में ओसामा से जुड़े तथ्यों का खुलासा किया गया है। इसमें जनरल बट के हवाले से बताया गया है कि पाकिस्तान के इंटेलीजेंस ब्यूरो के तत्कालीन महानिदेशक एजाज शाह ने एबटाबाद स्थित आईबी के सुरक्षित ठिकाने पर लादेन को पनाह दी थी।   
बट ने बताया कि मुशर्रफ की सरकार में शाह की स्थिति बेहद ताकतवर थी। अमेरिकी कमांडो दस्तों ने एक बड़ी कार्रवाई में दो मई को एबटाबाद में लादेन को मार गिराया था। इसके बाद से ही अमेरिका के साथ पाक के रिश्तों में तल्खी बढ़ती चली गई।जो अमरीका की तरफ से मददत मिलाती 


Monday, 19 December 2011

अन्ना सी.बी.आई तानाशाह ना बनजाये





पाँच राज्य के चुनाव को देखते हुए आज कैबिनेट की बेठक में लोकपाल बिल और खाद्य सुरक्षा बिल पर चर्च हुई लेकिन लोक पाल बिल पर खाद्य सुरक्षा बिल भरी पड़ता देखाई दे रहा है सरकार का कहना है की लोकपाल बिल में अन्ना और उन की टीम जिद्द कर रही है सी बी आई मामले पर सरकार और विपक्ष तथा बाकि राजनीती दल का ताल मेल नहीं बेठ रहा है की सी.बी.आई. को लोक पाल के दायरे लाये या नहीं सीबीआई को लोकपाल के तहत लाने को लेकर सरकार का रवैया प्रतिकूल है, लेकिन एक स्वतंत्र अभियोजन निदेशालय बनाने के प्रावधानों पर विचार कर रही है.l अपनी मागो को लेकर ४२ साल से लोकपाल अपनी लड़ाई लड़ रहा है ये देश की राजनीती की कमजोरी है इस को जिद्द में न बंधा जाये, जनता के दबाब को में सही लोकपाल को लागु करना चाहिए, और सरकार लोकतंत्र में जनता  का दबाब नहीं मनेगी तो किस का दबाब मनेगी या आपनी बातो को मनबा कर सरकार तानाशाह  का उदाहण दे रही है कानुन बनाने की प्रक्रिया के तेहत ही कानून बनाये जाये लेकिन लोकपाल की जिद्द सही है या नहीं इस का फेसला जनता आने वाले चुनाव में करेगी लेकिन सरकार का मानना है की जो लोकपाल सरकार ला रही है वह भी सशख्त लोकपाल बिल होगा लेकिन जनता जिद्द नहीं कर रही हम को लगता है की लोकपाल बिल को लेकर सरकार खुँद जिद्द कर रही है देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जो पीड़ा है उसको कम करना है तो जनताजी लोकपाल की बात कर रही है वह जनलोक पाल बिल आये और सरकार उस को लागु करे शायद सरकार और बाकि राजनीती दल केवल सी.बी.आई मामले में दुविधा में है की इन मागो को माना जाये या नहीं कही हर आदमी ये न कह की सी.बी.आई हम को फसा रही है लेकिन टीम आना को इसी लिए सरकार पर एतबार नहीं है सरकार को डर लग रहा है कही वह और राजनीती दल फसते नज़र ना आए
टीम अन्ना सी बी आई को लोकपाल के दायरे में लाना चाहती है सरकार और बी.जे.पी भी सी.बी.आई के मामले में अपना रुख साफ नहीं कर रही है टीम अन्ना खुँद का कहना है की  सी.बी.आई अगर स्वतंत्र हो जायेगी तो कही सी.बी.आई तानाशाह न बनजाये तो लोकपाल के दायरे में आकर सी.बी.आई  जन लोकपाल बिल के तेहत तानाशाह नहीं बन सकती जन लोकपाल के जानकारों का कहना है अब ४२ साल का इंतजार बहुत हो गया अब जन लोकपाल बिल को जल्द से जल्द लागु किया जाये कही एसा न हो की अन्ना और उस की टीम को फिर  से रामलीला मैदान या मुंबई में २७ दिसंबर को अनशन पर बेठना ना पड़ जाये, कांग्रेस के रवि शंकर का कहना है की हनुमान बनकर सीना फाड़ कर नहीं देखा सकते विश्वाश करो प्रक्रिया चल रही अतवार तो करो लोकपाल बिल पास करेगे हम दिन रात काम करके इसे समय सीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं.लेकिन रवि जब जनता के सर से पानी ऊपर चला जायेगा तब लोकपाल लागु करोगे किया/