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Friday, 18 May 2012

जनता को नहीं बदमाशो को डराओ


अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलो के पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की बैठक ली बैठक में साफ तो पर कह दिया है की 15 दिन के अन्दर कानून विवस्था दुरुस्त कर ले और अखिलेश यादव ने सरकार की नीतियों से भी अबगत कराया पुलिश अफसरों से कहा ही की वह जनता के मन में नहीं बदमाशो के मन में अपनी दहशत बैठाये अखिलेश ने इस बैठक में सभी अफसरों से एक दोस्ताना माहोल में बात की अखिलेश की ये बैठक सरकार बनाने के  बाद 3 महीने में पहली बैठक थी | उन्होंने अधिकारियो से कहा है की यू .पी को बनाने में वह उन की मदद करे और कुछ काम कर के दिखाए| 
 

Monday, 14 May 2012

आमिर खान ने विगुल बजा दिया अब हमारी है बारी


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Friday, 4 May 2012

विधायक स्वागत समारोह व्यस्त है

उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव समाप्त हुए तीन महीने हो गए है मुख्य मंत्री ने सब विधायको को कहा की अब अपनी विधान सभाओ में जाओ और जनता की समस्याओ का निवारण करो, पर नेता अभी स्वागत समारोह में व्यस्त है 
हम बात कर रहे है मुरादाबाद शहर विधान सभा और मुरादाबाद की बाकि विधान सभा की जहा अभी तक किसी विधायक ने किसी नए कम तक की घोषणा नहीं की है और ना ही किसी पुराणी समस्या पर को प्रतिकिर्या आई है |
मुरादाबाद में जाम सब से बड़ी समस्या बनती जा रही है प्रशासन की तरफ से तो कभी कभी कोई बयान आ जाता है पर नेताओ की तरफ से कोई पहल होती नहीं नज़र आरही है ,दूसरी सब से बड़ी समस्या गोविन्द नगर अंडर पास है पीछले कई सालो से स्थानीय लोगो ने कई बार धरना प्रदर्शन किया पर आज तक कोई नतीजा नहीं निकला शहर के संसद अजहरुदीन ने भी चुनाव के समय वादा किया था पर आज तक इस की तरफ आकर तक नहीं देखा जहा आये दिन कोई ना कोई हादसा होता ही रहता है पक्ष के नेता हो या विपक्ष के नेता केवल चुनाव समय में ज़रूर इन मुड़े को उठाते है चुनाव ख़त्म मुदा ही खत्म , लाइट की समस्या का तो क्या कहना जेसे जेसे दिन गरम होता जायेगा लाइट की परेशानी बढती चली जायेगी और ना जाने इस तरह की कितनी समस्या है जिन पर कभी नेताओ का दियां नहीं जाता है हमेश नेता अपने पहले नाता को ही कोसता नज़र अत है की उन्होंने कुछ भी विकास नहीं कराया , रहा सवाल नेताओ का तो कभी खुद किसी समस्या को देखने खुद अपने घर से नहीं निकलते अगर आप न्योता भेजे गे तो ज़रूर आप की समस्या देखने को आजायेगे और बो भी समय होगा तो और पीछले तीन महीनो में जो भी विधायक जीते है उन को अभी फुर्सत ही नहीं मेल रही स्वागत समारोह से सब के सब स्वागत समारोह में वियस्त है और विपक्ष अभी तक इस बात पर ही मंथन कर रहा है की हम हारे तो क्यों हारे |        

Thursday, 3 May 2012

आज है व‌र्ल्ड प्रेस फ्रीडम दिवस


आज ३ मई को व‌र्ल्ड प्रेस फ्रीडम दिवस के रूप में मनाया जाता है पुरे विश्व के तमाम उन पत्रकार साथियो को तहे -दिल से श्रदांजलि जिन्होंने खबरों के लिए जीवन जिया और खबरों के लिए ही अपने प्राणों को त्याग दिया .आज भी पत्रकार बिरादरी बे-खोफ काम करने के लिए संघर्ष कर रही हे.आज भी देश में भ्रस्टाचार,राजनीती ,दबंग और सत्ता के विरोध में लिखने वाले पत्रकारों पर हमले ,हत्या ,दबाब और यह तक की किसी फर्जी मामले में फसाकर परेशान किया जाता हे...लेकिन हम अपनी जान पर खेल कर भी पत्रकारिता के आन्दोलन को आगे बढ़ाते रहेंगे पत्रकारों की समाज में अहमियत होती है तथा सिद्धान्तों के आधार पर चलना ही पत्रकारिता है। किसी भी शहर का संग्रहालय, अस्पताल और विवि से ही समाज का आधार बनता है। संग्रहालय समाज के भूतकाल व इतिहास को दर्शाता है वहीं अस्पताल समाज के वर्तमान काल व विश्वविद्यालय समाज के भविष्य को दर्शाता है। सिद्धान्त पर चलने वाले पत्रकारों को नमन, कहते है सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं। पत्रकारों की ही दें है की चर्चित प्रियदर्शिनी मटु जेसिका लाल, मधुमिता शुक्ला व आरुषि तलवार मामले को उजागर करने में पत्रकारों की अहम भूमिका रही है और हा पत्रकारों को पीत पत्रकारिता से बचना चाहिए , क्यों की पत्रकार समाज के अगुआ हैं और अगुआ ही रहेंगे। पत्रकारों को ईमानदारी व कर्तव्यनिष्ठा से आगे बढ़ने का काम करना चाहिए ,पत्रकार पत्रकारिता तो करें साथ ही आम आदमी की पीड़ा को भी हेड लाइन बनायें। क्यों की कलम व लेखनी में जो ताकत है व बंदूकों में नहीं है। लोगो का मानना है की पत्रकारों दुआरा लिखी खबर सुबह-सुबह चाय के साथ अखबार न मिले तो दिन का जायका ही बिगड़ जाता है। और लोगों इन ही लोगो के कारण आज हम इतना आगे बाद पाए है ये जनमत है इन को हमारा इंतजार रहता है और हम को इनके लिए आगे आना चाहिए और लोगो को भी इस में आगे आने की कोशिश करनी चाहिए । 

Wednesday, 2 May 2012

मरने वाली भी महिला ही थी





जुर्म करने वाला कोई भी हो चाहे वह महिला हो या पुरुष कानून किसी को नहीं छोड़ता । अदालत ने नुपुर तलवार की जमानत याचिका ख़ारिज कर दी है नूपुर ने अपने बचाव में कुछ जज्बाती दलीलें भी दीं थी. नूपुर ने कहा था कि वो जिस समाज से आती हैं, वहां ऐसा गुस्सा नहीं होता कि कोई अपनी बेटी का कत्ल कर दे. नूपुर तलवार से ये पूछा जाये की किस समाज में गुसा किया जाता है और कोण सा समाज अपनी बहु बेटी या किसी का भी कत्ल करने की इजाजत देता है नूपुर तलवार ने ये भी कहा कि केस में उनका नाम जांच एजेंसी ने नहीं, बल्कि कोर्ट ने जोड़ा है, जबकि वो हर टेस्ट में खरी उतरी हैं.
कोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब उन्‍हें सलाखों के पीछे ही रहना पड़ेगा. आरुषि की मां नूपुर तलवार को अब तक दो रातें जेल में बितानी पड़ी हैं. 
कोर्ट ने नूपुर तलवार के वकील की इस दलील को भी नहीं माना कि उन्‍हें महिला होने के नाते जमानत दे दी जाए.इस दलील में नूपुर तलवार ये भूल गयी की मरने वाली भी महिला थी उस को भी महिला समझ कर नहीं बक्शा गया बल्कि उसका बेरहमी से कत्ल कर दिया गयाकोर्ट के फेसले से हम पर्ण रूप से सही मानते है , कोर्ट ने कहा कि नूपुर को महिला होने का लाभ नहीं दिया जा सकता.मंगलवार को अदालत ने फैसला बुधवार के लिए सुरक्षित रख लिया था.
नूपुर की दलीलों का सीबीआई ने पुरजोर जवाब दिया. सीबीआई ने कहा कि तलवार दंपति ने सीन ऑफ क्राइम को ड्रेसअप किया. उनके कपड़ों पर खून के निशान नहीं के बराबर मिले. ये आसामान्य है. कहीं कोई फिंगरप्रिंट ना मिलने की वजह ग्लब्स का इस्तेमाल हो सकता है. सीबीआई ने कहा कि परिस्थितिजन्य सबूत इनके खिलाफ हैं और इनके बाहर रहने से साक्ष्य को नुकसान पहुंच सकता है.मंगलवार को एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज की कोर्ट में जमानत याचिका पर हुई बहस में नूपुर की और से दलील दी गयी कि उन्हें गलत फंसाया गया है. वो इस केस में आवेदक थी. चाहे नार्को टेस्ट हो, या ब्रैन मैपिंग, चाहे डीएनए फिंगरप्रिंट हों या फिर कोई और टेस्ट, हर टेस्ट में वो क्लीन पाईं गई. मरने वाली भी महिला थी





Tuesday, 1 May 2012

ओसामा की जगह अब ओबामा अफगानिस्तान में



जिस धरती से अमेरिका के सबसे बड़े इंतकाम का खाका खींचा गया, अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा उसी सरजमीं पर पूरी दुनिया को उस जीत की याद दिलाने आए.
बिना किसी पूर्व निर्धारित योजना के बीती रात ओबामा काबुल पहुंचे. चंद घंटों बाद अफगानिस्तान के बगराम एयरबेस से अमेरिकी नागरिकों को संबोधित किया. ओसामा की बरसी पर उस इंतकाम की याद दिलाय़ी जो ठीक एक साल पहले पूरा हुआ था.
जिस बगराम एयरबेस से ओबामा ने अमेरिकी नागरिकों को संबोधित किया, उसी एयरबेस पर ओसामा के मारे जाने की पूरी प्लानिंग रची गई थी. 1 मई, 2011 को इसी एयरबेस से ओसामा के खात्मे के लिए नेवी सील कमांडो ने उड़ान भरी थी.
उसी इंतकाम की याद दिलाते हुए ओसामा की पहली बरसी पर ओबामा ने अफगानिस्तान से दोस्ती को और मजबूत करने का भरोसा दिलाया.
इस मौके को औऱ खास बनाने के लिए ओबामा ने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति के साथ आतंकवाद के खिलाफ साझा अभियान पर एक समझौता भी किया. ये भी भरोसा दिलाया कि 2014 में नाटो सेना के हटने तक अफगानी फौज खुद इतनी ताकतवर हो चुकी होगी कि वो देश की हिफाजत कर सके.
ओबामा ने एक साथ कई निशाने साधे हैं. अमेरिका में जल्द ही चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में एकाएक अफगानिस्तान आकर उन्होंने अमेरिकी नागरिकों को 10 पुराने इंतकाम के पूरा होने की याद दिलाई. ये भी जता दिया कि जल्द ही अमेरिका युद्ध का बोझ अपने कंधे से उतार फेंकने वाला है. दूसरी तरफ अफगानिस्तान से समझौता कर उन्हें ये भरोसा दिलाया कि अमेरिका उन्हें मजधार में छोड़कर नहीं जा रहा.

अफगानिस्‍तान की राजधानी काबुल में आत्‍मघाती धमाके की खबर है. अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा के अफगानिस्‍तान दौरे से लौटते ही ब्‍लास्‍ट की आवाज सुनी गई.
जानकारी के मुताबिक काबुल के जलालाबाद रोड पर आत्‍मघाती धमाका किया गया. धमाके के तुरंत बाद अमेरिकी दूतावास को अलर्ट कर दिया गया है.
इससे पहले, दुनिया के सबसे बड़े आतंकवादी ओसामा बिन लादेने के मारे जाने की पहली बरसी पर अमेरिकी राष्ट्रपति अफगानिस्तान पहुंचे. अचानक हुए इस दौरे में ओबामा ने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति के साथ एक समझौते पर दस्तखत किए.


डर्टी पिक्चर या अपना सपना मनी मनी

क्रिकेट की दुनिया में 100 शतक पूरा करने वाले और रिकार्डो का पहाड़ खड़ा करने वाले सचिन को भले ही एक तरफ पूरे भारत में भारत रतन देने की आवाज़ उठ रही हो ,पर सचिन को भारत रत्तन तो नहीं उनको राज्य सभा सदस्य ज़रूर मनोनीत कर दिया है अब पुरे भारत में चाहे वह राजनीती गलियारा हो ,या खेल जगत सचिन को राज्य सभा सदस्य बनाने को लेकर तरह तरह की बाते सामने आरही है | जहा सचिन को लेकर एक तरफ ख़ुशी का माहोल है वाही दूसरी तरफ कुछ खेल जगत के खिलाडी हेरान है की  सचिन ने ये फेसला क्यों लिया क्रिकेट चार्ट के अनुसार सचिन के पास इतना समय ही नहीं बचेगा की वह अपनी उपस्तिथि राज्य सभा में दर्ज करा सके वाही लता मंगेशकर ने कहा है की सचिन इस के लायक है पर समस्या समय की ही आती है क्या वह अपना समय दी पायेगे उन्होंने कहा है की जब में राज्य सभा सदस्य थी तब में भी अपना समय नहीं दी पाती थी|
शिव सेना प्रमुख बाल ठाकरे ने कहा है की कांग्रेस ने सचिन को राज्य सभा सदस्य बनाकर अब तक तक का सब से गन्दा खेल खेला है और उन्होंने डर्टी पिक्चर बना डाली है , बही कांग्रेस ने बचाब करते हुए कहा है की अगर सचिन को राज्य सभा भेजना डर्टी पिक्चर है तो कुछ साल पहले शिव सेना ने जो विडिओकोन में मालिक राजकुमार धूत को राज्य सभा का सदस्य बना कर क्या अपना अपना सपना मनी मनी पिक्चर बनाई थी बाल ठाकरे के कहना है की सचिन को सजी सभा सदस्य बना कर खुछ हासिल नहीं होने वाला |